हम हमेशा मूल्य का आय से अनुपात (Price to Earning Ratio) या पीई अनुपात (PE Ratio) के बारे में सुनते रहते हैं। जब कोई शेयर बढ़ता है, या जब उसका मूल्य कम होता है, जब मूल्यांकन (valuation) बढ़ता है, या जब किसी शेयर में निवेश का आकर्षक अवसर है – पीई अनुपात का हमेशा उल्लेख होता है!

अब समय है यह समझने का कि मूल्य का आय से (पीई ) अनुपात है क्या जिस के बारे में इतनी बात की गयी है, है ना?

परिभाषा

पीई अनुपात शेयर के बाजार मूल्य (market price) और इसकी प्रति शेयर आय (ई पी एस) (Earnings Per Share or EPS) का अनुपात है।

पीई अनुपात =शेयर का बाजार मूल्य / इसकी प्रति शेयर आय

PE Ratio = Merket Price / Earnings Per Share (EPS)

चलो इस फार्मूले के दो घटकों को बेहतर समझ लें, जिससे कि हम इस मूल्य को बेहतर समझ सकें।

शेयर का बाज़ार मूल्य

हर कंपनी शेयर या स्टॉक जारी करती है। एक कंपनी में स्वामित्व शेयरों के माध्यम से प्रदर्शित होता है, और इसलिए, जारी किए गए सभी शेयरों से कंपनी में कुल स्वामित्व प्रदर्शित होता है।

(शेयरों और कंपनी के स्वामित्व के बारे में अधिक जानने के लिए कृपया पढ़ें “कंपनी का स्वामित्व चाहते हैं? शेयर खरीदें !“)

एक सार्वजनिक कंपनी (Public Limited Company) के शेयर का शेयर बाजार में क्रय- विक्रय होता है। इस प्रकार, सार्वजनिक कंपनियों के शेयर की कीमत सबसे अधिक लोकतांत्रिक तरीके से निर्धारित होती हैं – मांग और आपूर्ति के माध्यम से, जो हजारों लोगों के द्वारा व्यापार में भाग लेने से प्रभावित होती है।

किसी शेयर की यह बाजार की कीमत वह कीमत हैं जो एक कंपनी में आंशिक स्वामित्व के लिए निवेशक भुगतान करने के इच्छुक रहते हैं।

आय प्रति शेयर

यह ई पी एस (EPS) के नाम से भी लोकप्रिय है।यह एक कंपनी द्वारा अर्जित शुद्ध लाभ (net profit) को जारी किए गए शेयरों की संख्या (number of issues shares) से विभाजित करने पर प्राप्त होता है। इस प्रकार, यह कंपनी द्वारा जारी किये गए प्रत्येक शेयर का उसके शुद्ध लाभ का हिस्सा है।

मूल्य से आय का अनुपात या पीई अनुपात

पीई अनुपात = बाजार मूल्य / ई पी एस

पीई अनुपात दिखाता है कि निवेशक एक कंपनी द्वारा उत्पन्न लाभ के एक रुपए का कितना गुना भुगतान करने के लिये तैयार हैं।

उदाहरण

मान लीजिये की एक शेयर की कीमत 600 रू है, और इसका ई पी एस 40 रुपये है।

इस शेयर का पीई अनुपात 600 / 40 = 15 होगा। इसका मतलब यह है कि निवेशक कंपनी द्वारा उत्पन्न लाभ के प्रत्येक रुपए के लिए 15 रुपए देने को तैयार हैं।

इस प्रकार, पीई अनुपात वास्तव में एक गुणाँक है। इसलिए यह कई बार पीई गुणक (PE Multiple) के रूप में जाना जाता है।

यह जानने के लिए कि मूल्य से आय (पीई) अनुपात की व्याख्या कैसे करें, कृपया पढ़ें “मूल्य के आय (पीई) से अनुपात (PE Ratio) की व्याख्या