हमें शेयर बाजार पसंद है, क्योंकि स्टॉक लंबे समय में सबसे ज़्यादा लाभ देते हैं। (कृपया अधिक जानकारी के लिए पढ़ें शेयर – दीर्घकाल में जीतें बाज़ी“)

हम यह भी जानते हैं कि हम में से ज्यादातर लोगों के लिए म्युचुअल फंड (एमएफ – MF) का उपयोग कर शेयरों में निवेश, सीधे शेयरों में निवेश से बेहतर है। (कृपया अधिक जानकारी के लिए पढ़ें “शेयर निवेश – प्रत्यक्ष (सीधा) निवेश बनाम म्यूच्युअल फंडस् (Mutual Funds – MFs)“)

लेकिन अगर आपने एक म्युचुअल फंड के जरिए निवेश करने का फैसला कर लिया है, और सही योजना को भी चुना है, तो भी एक दुविधा बाकी है। कौन सा विकल्प चुनें – विकास (growth), लाभांश (dividend) और लाभांश पुनर्निवेश (dividend reinvestment)?

चलिये विस्तार से प्रत्येक विकल्प की जांच करते हैं, जिससे कि आप तय कर सकें कि कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे अच्छा है।

विकास विकल्प (Growth Option)

इस विकल्प में, म्युचुअल फंड योजना का सारा लाभ और घाटा (profit and loss) म्युचुअल फंड यूनिट के एन.ए.वि. (NAV – Net Asset Value) में परिलक्षित होता है। जब लाभ कमाया जाता है, तब एन.ए.वि. ऊपर जाता है, और जब कोई नुकसान होता है तब एन.ए.वि. नीचे जाता है।

समय के साथ, जब म्युचुअल फंड योजना में लाभ होता है, प्रत्येक यूनिट का एन.ए.वि. बढ़ता रहता है इसमें लाभ का वितरण कभी नहीं होता है। विकास विकल्प में लाभ प्राप्त करने के लिए एकमात्र विकल्प है कुछ / सभी यूनिट बेचना।

विकास विकल्प उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो:

  • मूलधन की बढ़ोतरी चाहते हैं
  • नियमित आय नहीं चाहते
  • दीर्घकालिक निवेशक हैं

आय कर / इनकम टैक्स (Income Tax) प्रभाव

इक्विटी उन्मुख म्युचुअल फंड योजना में कर ( टैक्स) निर्धारण शेयरों के समान है - दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (long term capital gain) पर कोई कर नहीं है, और अल्पावधि पूंजी लाभ (short term capital gain) पर कर 15% है चूँकि आप में से ज्यादातर लोग बुद्धिमानी पूर्वक शेयरों में लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं (कानून में परिभाषित दीर्घ अवधि - 1 साल से अधिक लम्बे समय तक), विकास विकल्प वाली म्युचुअल फंड योजना की इकाइयों से हुआ सभी लाभ कर मुक्त होगा।

मेरी राय

जैसा कि मैं हमेशा जोर देता हूँ, केवल दीर्घकालिक निवेशकों को शेयरों में निवेश करना चाहिए। (कृपया अधिक जानकारी के लिए पढ़ें ”शेयर – दीर्घकाल में जीतें बाज़ी) इसलिए, विकास विकल्प मेरी राय में म्युचुअल फंड में निवेश करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प है, क्योंकि यह लंबे समय में मूलधन की बढ़ोतरी के रूप में बेहतरीन रिटर्न देता है।

लाभांश विकल्प (Dividend Option)

इस विकल्प में भी म्युचुअल फंड योजना का लाभ और घाटा म्युचुअल फंड यूनिट के एनएवी में परिलक्षित होता है। लेकिन बड़ा अंतर यह है कि इसमें लाभ का नियमित वितरण होता है। यह वितरण लाभांश के रूप में है, जिसकी समय समय पर घोषणा की जाती है।

लाभांश की राशी और लाभांश कितनी बार घोषित किया जाता है यह म्युचुअल फंड योजना के द्वारा प्राप्त मुनाफे पर निर्भर करता है, और इस की कभी गारंटी नहीं होती है। जब म्युचुअल फंड योजना में लाभ होता है,  तब लाभांश की घोषणा की जाती है – और यह पूर्ण रूप से फंड मैनेजर पर निर्भर करता है।

लाभांश का भुगतान यूनिट (unit / इकाई) के एनएवी से किया जाता है। इसका मतलब यह है कि जब लाभांश का भुगतान किया जाता है, तब प्रत्येक यूनिट का एनएवी समान राशि से नीचे चला जाता है।

उदाहरण के लिए, यदि एनएवी 18 रुपये है, और 1 रुपए के लाभांश का भुगतान किया जाता है, तब एनएवी तुरंत 17 रुपए हो जाता है।

इसी कारण से आपने देखा होगा कि एक ही म्युचुअल फंड योजना के लाभांश विकल्प वाले यूनिट का एनएवी हमेशा विकास विकल्प वाले यूनिट के एनएवी से कम रहता है।

लाभांश विकल्प उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो:

  • नियमित आय चाहते हैं (हालांकि इसकी गारंटी नहीं है)
  • दीर्घकालिक पूंजी बढ़ोतरी में बहुत दिलचस्पी नहीं रखते हैं

आय कर / इनकम टैक्स (Income Tax) प्रभाव

निवेशकों के हाथ में लाभांश कर योग्य (taxable) नहीं हैं। इसका मतलब यह है कि लाभांश के रूप में उत्पन्न सभी आय कर मुक्त (tax free) है। इस प्रकार, विकास विकल्प या लाभांश विकल्प – कोई भी लिए जाने पर आपके रिटर्न पर आय कर की वजह से कोई प्रभाव नहीं पड़ता है

मेरी राय

यद्यपि मैं शेयरों में दीर्घकालिक अवधि में निवेश के पक्ष में हूँ, एक अवसर है जब मुझे लगता है कि लाभांश विकल्प पर विचार किया जा सकता है। वह अवसर है जब बाजार बहुत ऊँचे मूल्यांकन (high valuation) में है।

यदि आप का स्वाभाव ऐसा है कि बाजार के बहुत ऊँचे मूल्यांकन में होने से आपको चिंता हो जाएगी, और आप आंशिक मुनाफा बुक करना चाहेंगे, तो लाभांश विकल्प आप के लिए सर्वोत्तम विकल्प है। इसका कारण यह है की लाभांश का आवधिक वितरण लाभ की बुकिंग (profit booking) की तरह काम करता है - चूँकि लाभांश लाभ कमाने से प्राप्त होता है, यह तरीका कुछ शेयर या यूनिट बेचकर मुनाफे की बुकिंग करने की तरह है। तो अगर बाजार नीचे भी चला जाता है, आप कुछ लाभ बुक कर चुके होंगे।

अच्छी बात यह है कि आपको लाभ की बुकिंग के समय के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। लेकिन बुरी बात यह है कि आप लाभ की बुकिंग को पूरी तरह से निधि प्रबंधक (fund manager) के हाथों में छोड़ देते है।

मैं फिर से जोर देना चाहूंगा कि सिर्फ वो लोग जो बाजार उच्च होने पर हड़बड़ा जाते हैं, उन्हे इस विकल्प पर विचार करना चाहिए। हम में से ज्यादातर लोगों के लिए विकास का विकल्प सबसे अच्छा विकल्प है।

लाभांश पुनर्निवेश विकल्प (Dividend Reinvestment Option)

यह लाभांश विकल्प का ही एक संस्करण है। यहाँ लाभांश समय समय पर वितरित किया जाता है, लेकिन उसी म्युचुअल फंड योजना की इकाइयों (यूनिट) के रूप में।

यह ऐसे होता है: लाभांश के रूप में भुगतान की जाने वाली राशि को आप के लिए उसी म्युचुअल फंड योजना के यूनिट खरीदने के लिए उपयोग किया जाता है, और इन नए यूनिट को आपके खाते में जमा कर दिया जाता है।

हालांकि इस विकल्प में लाभांश का पुनर्निवेश होता है, वास्तव में यह काफी हद तक विकास विकल्प के समान ही है। यह इसलिए है क्योंकि आपको इस विकल्प में भी मूलधन में बढ़ोतरी मिल जाती है - लेकिन म्युचुअल फंड योजना के यूनिट की संख्या में वृद्धि के रूप में।

विकास विकल्प में आपके पास उच्च एनएवी के यूनिट हैं, मगर उनकी संख्या कम है। इसके विपरीत लाभांश पुनर्निवेश विकल्प में आपके पास यूनिट की संख्या अधिक है, लेकिन उनका एनएवी कम है।

आय कर / इनकम टैक्स (Income Tax) प्रभाव

इस विकल्प में आय कर लाभांश वितरण विकल्प के समान ही है।

मेरी राय

मुझे इस विकल्प में कोई विशेष लाभ नहीं दिखता है।