आपको पता है की निवेश के लिए लक्ष्यों और रणनीतियों की पहचान कैसे होती है, और तदनुसार निवेश कैसे होता है। ( कृपया पढ़ें लक्ष्य आधारित निवेश).

लेकिन क्या आपको पता है कि लोगों के लिए सबसे आम लक्ष्य क्या है? यह है एक घर खरीदना! और यह स्वाभाविक भी है - इसकी लाखों रुपए की लागत है, और आमतौर पर यह हमारे जीवन की सबसे बड़ी खरीद होती है!

एक समय था जब लोग उनके जीवन के अधिकांश समय किराए के घरों में या कंपनी के दिये क्वार्टर में रहते थे, और घर खरीदने के बारे में सोचना शुरू तब करते थे जब वे 45 या 50 साल के हो जाते थे। लेकिन अब लोगों की सोच बदल रही है, और अधिक से अधिक लोग अपने घर को अपने 20s या 30s में खरीद रहे हैं।

और यह एक बहुत ही स्वस्थ प्रवृत्ति है - अपने प्रारंभिक जीवन में अपना घर खरीदना बहुत ही समझदारी का काम है। आइये देखें क्यों।

एक परिसंपत्ति का निर्माण

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब आप एक घर खरीदते हैं, आप एक परिसंपत्ति (asset) खरीद रहे हैं और जिसका अभिमूल्यन (appreciation) होता है।

जब आप युवा होते हैं और आपके पास कुछ अतिरिक्त धन होता है, तो आप कुछ बड़े आइटम जैसे की कार, फैंसी सेल फोन, एलसीडी टीवी या लैपटॉप खरीदने के लिए प्रलोभित हो सकते हैं। लेकिन इन चीज़ों का विमूल्यन (depreciation) होता है - जिसका अर्थ है कि उनका मूल्य हर दिन घटता जाता है। जिस पल आप इन चीजों को दुकान से बाहर ले जाते हैं, उसी पल ये इनका मूल्य 20-25% घट जाता है!

इस तरह के बड़े आइटम कर्ज (loan) पर खरीदना और भी बदतर है - आप एक ऐसी चीज़ खरीदते हैं जिसका मूल्य हर दिन नीचे जाता है, और आप इस के लिए ब्याज का भुगतान करते हैं!

एक घर इस से अलग है - यह एक अभिमूल्यन (appreciate) होने वाली परिसंपत्ति है। समय के साथ इसका मूल्य बढ़ जाता है  - अल्पावधि में इसकी कीमत में उतार चढ़ाव हो सकता है, लेकिन लंबे समय में अचल संपत्ति की कीमत हमेशा ऊपर जाती है। (स्टॉक की तरह - अधिक विवरण के लिए कृपया पढ़ें शेयर – दीर्घकाल में जीतें बाज़ी“)

और यह तार्किक भी है - आपूर्ति (supply) (भूमि) सीमित है, लेकिन जैसे जैसे आबादी बढ़ती जायेगी, इसकी मांग बढ़ती जायेगी! और शहरों में मांग और तेज़ी से बढ़ती है, क्योंकि अधिक से अधिक लोग शहरों में बस रहे हैं।

इस प्रकार, घर हमेशा एक जिताने वाली शर्त है!

प्रमुख लक्ष्य की जल्दी प्राप्ति

जैसा कि मैंने उल्लेख किया है, घर खरीदना ज्यादातर लोगों की इच्छा सूची के शीर्ष पर होता है! इसको जल्दी प्राप्त करने का यह मतलब है कि आप ने एक प्रमुख लक्ष्य को प्राथमिकता देकर प्राप्त कर लिया है।

किराए की बचत

आप को कहीं न कहीं तो रहना है - यदि आप घर खरीदते नहीं हैं, तो आप इसे किराए पर लेते हैं। जिसका अर्थ है कि आप हर महीने किराये का भुगतान करेंगे।

और किराया एक डूबती लागत (sunk cost) है - आप राशि का भुगतान करते हैं,  और वह चली जाती है – आपके लिए कोई संपत्ति नहीं बनती। आपको किराया भुगतान के आधार पर किराए के मकान में रहने को तो मिलता है, लेकिन आप किराया भुगतान के बदले में किसी भी संपत्ति का निर्माण नहीं करते हैं!

यदि आप एक घर खरीदते हैं, तो आप पूरा किराया बचाते हैं। आप हर महीने ईएमआई (EMI) के रूप में थोड़ी अधिक राशि का भुगतान ज़रूर करते हैं, लेकिन उसके बदले में आप अपनी खुद की, अभिमूल्यन होने वाली परिसंपत्ति का भी निर्माण भी तो करते हैं!

मुद्रास्फीति से फायदा

जब आप एक घर लेने का विचार शुरू करते हैं, तो उच्च ईएमआई (EMI) राशि आप को एक बड़ी बाधा की तरह लगती है। लेकिन आप को इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है - यह उन दुर्लभ मामलों में से एक है जहां मुद्रास्फीति से आपका फायदा होगा!

ऋण की अवधि के दौरान ईएमआई लगभग स्थिर रहेगी। अगर ऋण की ब्याज दर फ्लोटिंग (floating) है तो यह परिवर्तित हो सकती हैं, लेकिन वह भी एक छोटा मोटा परिवर्तन होगा।

(पता करना है कि आप को एक निर्धारित (foxed) या फ्लोटिंग आवास ऋण (home loan) लेना चाहिए? कृपया पढ़ें फ्लोटिंग आवास ऋण लिया जाय या नहीं?“)

लेकिन समय के साथ आपकी आय में वृद्धि होगी। और भरोसा रखिये, इस में काफ़ी ज्यादा वृद्धि होगी।

इस वृद्धि की एक वजह आपके अपने कैरियर में पदोन्नति (promotion) होगी। लेकिन आय वृद्धि का एक हिस्सा मुद्रास्फीति का ख्याल रखने के लिए होगा। जैसे ही वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें ऊपर जाती हैं , कंपनियाँ (और सरकार भी) वार्षिक वृद्धि (annual increment) के रूप में वेतन वृद्धि कर देती हैं। वेतन का डीए (DA) घटक भी मुद्रास्फीति के हिसाब से ऊपर चला जाता है।

चूँकि आवास ऋण (home loan) एक बहुत लंबे कार्यकाल के लिये होता है, समय के साथ आपकी आय के प्रतिशत के रूप में ईएमआई की राशि का अनुपात तेजी से नीचे जायेगा – क्योंकि ईएमआई स्थिर ही रहेगी, लेकिन आपकी आय बढती जाएगी।

इस प्रकार, आज जो ईएमआई डरावनी लगती है,  बस कुछ ही सालों के बाद शायद ही आपको परेशानी देगी।

मेरा खुद का उदाहरण: मेरे पिता ने 25 साल के कार्यकाल के घर ऋण के माध्यम से एक घर खरीदा था। ईएमआई थी प्रति माह 565 रुपए - एक राजसी राशि जब ऋण 3 दशकों पहिले लिया गया था। लेकिन जब कुछ वर्षों पहले ऋण पूरा चुका दिया गया, घर के लिए भुगतान करने के लिये यह एक हास्यास्पद राशि थी!

उच्च प्रयोज्य आय (Disposable Income)

जब आप जवान हैं, आपके रहने का खर्च आमतौर पर कम होता है। आप को अपने बच्चों के स्कूल-कॉलेज की फीस के भुगतान के बारे में, या अपनी बेटी की शादी के बारे में चिंता नहीं है

और अगर आप अकेले हैं, तो आपकी आय की तुलना में आपके खर्चे बहुत कम होते हैं।

इसका निष्कर्ष ये है कि जब आप जवान होते हैं, आपके खर्चे सीमित होते हैं। और इसलिए आपके पास अपनी मध्यम उम्र कि आय की तुलना में एक उच्च प्रयोज्य आय होती है। जिसे आप घर की इऍमआई भरने के लिए आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।

अनिवार्य बचत

आप के पास काफी प्रयोज्य आय है, लेकिन क्या आप ज़्यादा बचत करते हैं ? ज़्यादातर लोगों का जवाब होगा – “नहीं” :-)

जब आप एक घर ऋण (home loan) लेते हैं, आप एक मासिक किस्त का भुगतान करते हैं। और आप इस का भुगतान हर महीने करते हैंइसका मतलब यह है कि हर महीने आप इस राशि को बचाने के लिए मजबूर किये जा रहे हैं - और इस राशि से निर्माण कर रहे है आप एक अभिमूल्यन होने वाली परिसंपत्ति का!

गृह ऋण की आसान उपलब्धता

यदि जल्दी घर खरीदने की इतने सारे फायदे हैं, तो युवा लोगों को क्या रोक रहा है?

समस्या यह है कि जब आप युवा होते हैं, और आपने बस तब ही कमाना शुरू किया है, तो आप के पास एक घर खरीदने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं होती है। और यहीं बैंक (bank) या आवास वित्त कंपनियाँ (housing finance companies) काम में आती हैं।

आपको केवल मार्जिन पैसा (margin money), जो घर की लागत का लगभग 15% से 20% होता है, प्रदान करने की आवश्यकता है। शेष लागत को आवास ऋण कंपनियाँ (housing finance companies) ऋण (loan) के रूप में देने के लिए उत्सुक और तैयार रहती हैं !

इस का लाभ उठाइए, और आज ही फ़ैसला कीजिये एक घर खरीदने का!