अचल संपत्ति निवेश न्यास (रियल इस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट) (REIT)
हम सभी म्युचुअल फंड (mutual fund) से परिचित हैं - वे निवेशकों का पैसा इकट्ठा करते हैं, और सामूहिक रूप से इसे इक्विटी (shares – शेयर) और ऋण (debt) प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं। इस प्रकार बहुत कम निवेश करने पर भी वे आपको विविधता (diversification) प्रदान करते हैं। इसके अलावा, आप परोक्ष रूप से उन कंपनियों के शेयरों के मालिक हो जाते हैं, जिसका बाजार मूल्य बहुत अधिक है (जैसे की MICO, जिसका एक शेयर लगभग 5,100 रु मूल्य का है)!
अचल संपत्ति
हम देख रहे हैं कि अचल संपत्ति का बाज़ार कुछ सालों से तेजी से बढ़ रहा है। आगे जाकर भी कीमत ऊपर जाने की ही संभावना है। और हम सब भी इस गतिविधि का एक हिस्सा बनना चाहता हैं, ताकि इस बढ़ते बाज़ार से हमको भी फायदा हो!
पर शेयरों के विपरीत, अचल संपत्ति निवेश (real estate investment) में काफ़ी अधिक पूंजी की जरूरत है - द्वितीय श्रेणी शहर में भी 1 बेडरूम का अपार्टमेंट खरीदने के लिए कम से कम 15 लाख रुपये लगते हैं! इस निवेश के जोखिम को ध्यान में रखते हुए हम में से कई लोग पैसे का इस तरह का निवेश नहीं कर सकते हैं, वह भी सिर्फ एक संपत्ति में।
कितना अच्छा होता अगर अचल संपत्ति निवेश के लिए भी एक म्युचुअल फंड होता? फिर एक म्युचुअल फंड के सब लाभ अचल संपत्ति निवेश के लिए भी उपलब्ध होते! अगर ऐसा हो, तो क्या बात है!
फ़िक्र न करें - अचल संपत्ति निवेश न्यास (Real Estate Investment Trust – REITs) हाज़िर है।
क्या है अचल संपत्ति निवेश न्यास (Real Estate Investment Trust – REITs) (रियल इस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट)?
साधारण भाषा में अचल संपत्ति निवेश न्यास (REITs) एक तरह का म्युचुअल फंड है जो स्टॉक या ऋण प्रतिभूतियों के बदले अचल संपत्ति में निवेश करता है। यह शेयर बाजारों के माध्यम से धन जुटाते हैं, और शेयर बाजारों में सूचीबद्ध (listed) भी होते हैं।
म्युचुअल फंड की तरह वे पैसे को आम निवेशकों से छोटी मात्रा में जमा करते हैं, और इसका इस्तेमाल अचल संपत्ति में निवेश के लिए करते हैं।
REITs दुनिया भर में छोटे और संस्थागत, दोनों तरह के निवेशकों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। वे कुछ बाजारों में अचल संपत्ति म्युचुअल फंड (Real Estate Mutual Fund – REMF) के रूप में भी जाने जाते हैं।
अचल संपत्ति निवेश न्यास (REITs ) के लाभ
कम निवेश
आपको एक संपत्ति खरीदने के लिए जितने पैसों की ज़रूरत होती है, उसके एक अंश भर के निवेश के द्वारा भी आप अचल संपत्ति बाजार की तेज़ी (ralley – रैली) में भाग ले सकते हैं!
जोखिम का विविधीकरण (diversification of risk)
यदि आप अचल संपत्ति में सीधा निवेश करते हैं, तो आप एक या दो संपत्तियाँ ही खरीद सकते हैं। इसके मुकाबले एक REIT जमा किये गए धन का इस्तेमाल कर के कई संपत्तियों में निवेश करता है। इस प्रकार आप विभिन्न संपत्तियों और परियोजनाओं (projects) के बीच अपने जोखिम का प्रसार (spreading the risk) कर रहे हैं। कल्पना कीजिए – आप एक साथ मुंबई और दिल्ली के अपार्टमेंट में, और गुड़गांव और बंगलूर में कुछ पॉश मॉल में एक हिस्से के मालिक बन सकते हैं!
तरलता (liquidity) और पारदर्शिता (transparency)
जब REITs अचल संपत्ति बाजार में सक्रिय भागीदार बन जाते हैं तब वे अत्यंत जरूरी पारदर्शिता लाते हैं।
उन्हें अपने सभी लेनदेन की रिपोर्ट देनी होती है। इसका नतीजा यह होता है कि अचल संपत्ति बाजार में नकदी के लेनदेन में कमी होती है। संपत्ति के बाजार में एक नए ग्राहक के उभरने से अधिक तरलता भी आयेगी।
निजी इक्विटी निवेशकों (private equity investors) के लिए निकासी मार्ग
हाल में विभिन्न अचल संपत्ति परियोजनाओं में निजी इक्विटी निवेशकों का बहुत निवेश देखा गया है। (वर्ष 2007 के लिए 25,000 करोड़ रुपए का अनुमान है) REITs बड़े खरीदार होते हैं, जो निजी इक्विटी निवेशकों से संपत्ति खरीद सकते हैं, और इस प्रकार उन्हें निकासी का एक आकर्षक मार्ग देते हैं। यह निजी इक्विटी निवेशकों को अचल संपत्ति के बाजार में और निवेश करने को प्रोत्साहित करता है, जो आगे जाकर बाज़ार को और मज़बूत कर सकता है।






2 टिप्पणियां
July 11th, 2010
I’d be more optimistic if the global economy was doing fine and we are free and clear of a recession, but that is far from the case. If you look at historical pricing you’ll find there is the occasional boom followed by years of flat price growth or slight price decreases.
July 11th, 2010
Hi Caryn,
You are right in general – but the market in India is quite different, and phases of flat prices are quite rate. Its a growing economy, and ot has a direct effect on the real estate market!