हम जानते हैं कि यूनिट लिंक्ड बीमा योजना (यूलिप) (Unit Linked Insurance Policy – ULIP) बंदोबस्ती योजना (endowment plan) से बेहतर साबित होती है।

(अधिक जानकारी के लिए पढें “जीवन बीमा: यूलिप बनाम बंदोबस्ती योजना“)

लेकिन असली सवाल यह है – क्या एक यूनिट लिंक्ड बीमा योजना जीवन बीमा (life insurance) खरीदने का सबसे अच्छा तरीका है? अब मैं आपको एक सीधा जवाब देता हुँ – नहीं, ऐसा नहीं है. अब, आइए देखते हैं क्यों!

जीवन बीमा क्यूँ ख़रीदा जाता है? क्या जरूरत है जीवन बीमा की?

जवाब सीधा है – जीवन बीमा इसलिए खरीदा जाता है ताकि अगर हम नहीं रहें तब भी हमारे आश्रित (dependents) अपना सामान्य जीवन जारी रख सकें।

जब आप अपनी कार, या अपने घर के लिए बीमा खरीदते है, तब उस धन (बिमा किश्त) पर कोई वापसी की उम्मीद रखते हैं? क्या आप उम्मीद करते हैं कि यदि कार किसी दुर्घटना का सामना नहीं करे तो आपको साल के अंत में ब्याज सहित पैसा मिल जाए?

बिल्कुल नहीं! तो हम अपने जीवन बीमा से भुगतान वापस पाने की उम्मीद क्यों रखते हैं? और इसी चक्कर में बीमा के लिए ज़रूरत से अधिक प्रीमियम (premium) क्यों भरते हैं? क्या हमें “शुद्ध” बीमा (pure insurance cover) नहीं खरीदना चाहिए, जैसे हम अपनी कार या घर के लिए करते हैं?

हाँ, जीवन बिमा खरीदने का ठीक तरीका तो यही होगा। हमें समझना चाहिए कि बीमा (insurance) और निवेश (investment) अलग हैं, और उन्हें एक दुसरे से अलग ही रखना चाहिए।
निवेश के लिए आपको जरूरत है लक्ष्यों और रणनीतियों की पहचान की, और तदनुसार निवेश करने की। (कृपया पढ़ें “लक्ष्य आधारित निवेश“).

कैसे खरीदें जीवन बिमा?

जीवन बीमा के लिए आपको उस राशि की गणना की आवश्यकता है जिस से उत्पन्न रिटर्न से आपके आश्रित आपके बाद भी वैसा ही जीवन स्तर बनाये रख पाएं जैसा की आप उन्हें आज दे रहे हैं। जब आप एक जीवन बीमा पॉलिसी खरीदते है तो यह राशि आपकी “बीमित राशि” (sum assured) होनी चाहिए। और यह आपको एक आवधिक नीति के द्वारा ही लेनी चाहिए।

आवधिक बीमा आपके जीवन के लिए केवल एक शुद्ध जोखिम कवर (pure risk cover) प्रदान करता है। यह बीमा का ऐसा प्रकार है जहाँ आपकी प्रीमियम राशि का इस्तेमाल सिर्फ बीमा खरीदने के लिए किया जाता है – ठीक वैसे ही जैसे कार या घर का बीमा खरीदने के लिए किया जाता है।

आवधिक बीमा (term insurance / टर्म इंश्योरेंस या प्लान) के लाभ

चुँकि आवधिक बीमा पॉलिसी में प्रीमियम राशि का इस्तेमाल केवल बीमा खरीदने के लिए किया जाता है, आवधिक बीमा का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह आपको सबसे कम कीमत पर जीवन बीमा प्रदान करता है। इसका मतलब यह है कि प्रीमियम में बचे पैसे अन्य लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अन्य विकल्पों में (जैसे की म्यूचुअल फंड्स में) निवेश किये जा सकते है – पर्याप्त बीमा का पूरा लाभ उठाने के साथ साथ!

आवधिक बीमा (term insurance / टर्म इंश्योरेंस या प्लान) के दोष

आवधिक बीमा योजना का कथित दोष यह है कि अगर हम कार्यकाल या अवधि (tenure or tenor) के अंत तक जीवित रहते हैं तो कार्यकाल के अंत में कोई पैसा वापस नहीं मिलता है। जैसे कि हमने पहले देखा, कार के बीमा की तरह आपको कुछ भी वापस नहीं मिलता है।

लेकिन अगर आप कार्यकाल के अंत में पैसा वापस नहीं मिलने की वजह से परेशान हो रहे हों, तो आवधिक बिमा योजना का एक अलग संस्करण भी उपलब्ध है – और यह कहलाता है “आवधिक बीमा योजना – प्रीमियम की वापसी” (Term Insurance with Return of Premium – ROP)। यहाँ पर यदि आप बीमा अवधि के अंत तक जीवित रहते हैं, तो आपको आपके द्वारा भुगतान की गयी सारी प्रीमियम राशि वापस मिल जाती है। और अलग से लाभ यह है कि यह राशि कर मुक्त है! लेकिन कृपया ध्यान दें कि आवधिक बीमा की “प्रीमियम की वापसी” के साथ वाली बीमा योजना में प्रीमियम राशि नियमित अवधि बीमा योजना के मुकाबले काफी अधिक होती है।

उदाहरण

अगर एक 30 वर्षीय पुरुष के लिए 25 साल की अवधि के लिए कुल बीमित राशि 10 लाख रुपए है, तो सांकेतिक बाजार दर निम्नलिखित हैं:

  • बंदोबस्ती योजना: प्रति वर्ष 38,109 रुपए
  • प्रीमियम की वापसी के साथ आवधिक योजना: प्रति वर्ष 8,836 रुपए
  • आवधिक योजना: प्रति वर्ष 2,964 रुपए

जैसा कि आप देख सकते हैं, यहाँ प्रीमियम में बहुत बड़ा अंतर है। और जैसे की हम पहले चर्चा कर चुके हैं, प्रीमियम में बचा पैसा आप अन्य विकल्पों में बेहतर निवेश कर सकते हैं।

कैसे आवधिक बीमा से बचे पैसों का इस्तेमाल प्रभावी ढंग से किया जा सकता है? यह जानने के लिये कृपया पढ़ें “क्या यूलिप (ULIP) आवधिक बीमा (endowment plan) और म्युचुअल फंड (MF) निवेश के संयोग का एक महंगा स्वरुप है?