चरण ४: तब लक्ष्य हासिल करने की कीमत का निर्धारण

यह एक मुश्किल हिस्सा है, क्योंकि आपको मुद्रास्फीति की दर का अनुमान लगाना पड़ेगा। आपको अपने लक्ष्य की लागत मुद्रास्फीति की दर का प्रयोग करते हुए बढ़ाने की जरूरत होगी, क्योंकि आपके लक्ष्यों को प्राप्त करने की लागत हर साल मुद्रास्फीति के कारण बढ़ती जायेगी।

मुद्रास्फीति की दर का अनुमान लगाना कठिन है, क्योंकि आपको इसको अपने लक्ष्यों के लिये निर्धारित पूरे समय के लिए यह अनुमान लगाना पड़ेगा, जो कि एक बहुत लंबा समय है!

आपको पता है कि मुद्रास्फीति की मौजूदा दर 3.25% के आसपास है (यह लेख लिखने के समय की दर - नवम्बर २००७ में)। लेकिन आपको यह भी पता है कि इस समय यह ऐतिहासिक निचले स्तर पर है, जिसका अर्थ है कि यह 3.25% की दर पूरे 23 साल की अवधि के लिए नहीं रहेगी।

पिछले कुछ वर्षों के लिए औसत मुद्रास्फीति 5% के आसपास रही है, तो आप मान सकते हैं कि इस 23 साल की अवधि के दौरान भी मुद्रास्फीति की औसत दर 5% रहेगी।

चुंकि कार की खरीद का लक्ष्य आज से सिर्फ 4 वर्ष बाद है, आप मौजूदा मुद्रास्फीति की दर के करीब की दर को मुद्रास्फीति मान सकते हैं। इसके अलावा, बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से आप कारों की लागत में बहुत ज्यादा वृद्धि का अनुमान नहीं लगायें। तो, इस लक्ष्य के लिए मुद्रास्फीति की दर 3.25% होगी।

मुद्रास्फीति की दर का निर्णय लेने के बाद अब आप को अपने लक्ष्यों को निर्धारित समय पर प्राप्त करने की लागत निकालने की जरूरत है। इस के लिए आप को चक्रवृद्धि ब्याज दर के समीकरण का प्रयोग करना होगा:

राशि = मूलधन * ( 1 + ( दर / 100 ) ) ^ वर्ष

 

हमारे लिए,

  • मूलधन = आज का मूल्य
  • दर = मुद्रास्फीति की दर
  • वर्ष = लक्ष्य की उपलब्धि तक के वर्ष

 

इस सूत्र का उपयोग करने पर हमें निम्नलिखित आंकडे मिलते हैं:

 

क्रमांक लक्ष्य वर्तमान मूल्य अब से वर्ष तब मूल्य
1 एक अपार्टमेंट खरीदना 30,00,000 23 92,14,571
2 एक कार खरीदना 5,00,000 4 5,68,238

यहाँ क्लिक करें इस उदाहरण के लिए वर्कशीट डाउनलोड करने के लिए

मुझे यकीन है कि यह आंकडे आपकी आँखें खोल देंगे, क्योंकि आप को एहसास होगा कि कैसे आप के लक्ष्यों पर - विशेष रूप से लंबी अवधि वाले लक्ष्यों पर - मुद्रास्फीति कहर बरसाती है!

इसलिए मेरा मानना है कि कंपाउडिंग (compounding – चक्रवृद्धि ब्याज का असर) एक शक्तिशाली दोस्त साबित होता है जब उस का बुद्धिमानीपूर्ण इस्तेमाल किया जाता है युवा उम्र में निवेश शुरु करने के लिए। लेकिन यही कंपाउडिंग दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए मुद्रास्फीति के रूप में सबसे अधिक विनाशकारी दुश्मन भी साबित हो सकता है।

चरण ५: आज की निवेश का आफ़्टर-टैक्स रिटर्न रेट का निर्धारण

यहाँ पर आप को एक और अंदाज़ा लगाना पड़ेगा कि अगर आप आज निवेश करंगे तो आपका निवेश कितना रिटर्न देगा? इसके अलावा, आफ़्टर-टैक्स रिटर्न (आयकर कटने के बाद का रिटर्न) का अंदाज़ा लगाना भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यही आप के खर्च करने के लिए आपके हाथ में आता है!

रिटर्न का रेट काफी हद तक निवेश के प्रकार पर निर्भर करेगा।

चूंकि घर खरीदने के लक्ष्य के लिये 23 वर्ष का समय है, आप निश्चिंत हो कर शेयरों में निवेश कर सकते हैं क्योंकि स्टॉक लंबे समय में वापसी की सबसे अच्छी दर देते हैं। ऐतिहासिक दृष्टि से दीर्घकालीन निवेश पर शेयर बाज़ार ने 15% से 20% का रिटर्न दिया है। इसलिए आप मान सकते हैं कि आप 18% के आसपास रिटर्न प्राप्त करने में सफल होंगे। चूंकि दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर कर नहीं लगता, आपका पोस्ट-टैक्स रिटर्न भी 18% होगा।

कार खरीदने का लक्ष्य केवल 4 वर्ष दूर है। शेयरों में निवेश करने के लिये यह एक बहुत ही कम समय है - शेयर बाजार की अल्पावधि अस्थिरता आप के लाभ को खा सकती है, और इसकी वजह से हो सकता है की रिटर्न एक कार खरीदने के लिये पर्याप्त नहीं हो। तो, आप बैंक सावधि जमा खाते - एफडी (bank fixed deposit – FD) में निवेश करने का फैसला करते हैं, जो प्रति वर्ष करीब 9.5% देती है। चूंकि आप सबसे ज़्यादा टैक्स ब्रैकेट (income tax bracket / income tax slab) में पड़ते हैं और 30% टैक्स अदा करते हैं, आपका एफडी से पोस्ट-टैक्स रिटर्न होगा:

9.5% – (9.5% का 30%) = 6.65%

क्रमांक लक्ष्य वर्तमान मूल्य अब से वर्ष तब मूल्य वापसी का दर
1 एक
अपार्टमेंट
खरीदना
30,00,000 23 92,14,571 18%
2 एक
कार
खरीदना
5,00,000 4 5,68,238 6.65%

चरण ६: प्रति वर्ष और प्रति महीने निवेश की ज़रुरत का निर्धारण

अब तक उपलब्ध आंकड़ों का उपयोग करके आप अपने लक्ष्यों के लिए पर्याप्त राशि जुटाने के लिये ज़रूरी निवेश की एकमुश्त-राशि की गणना कर सकते हैं। इस के लिए आपको रेट आफ़ रिटर्न” (rate of return) कि सहायता से तब कि लागतका डिस्काउंट करना होगा। सरल शब्दों में कहें तो इसका मतलब यह है:

आपको आज कितने पैसे की जरूरत है जो रेट आफ़ रिटर्नके रेट पर निवेश किये जाने पर बढ़ कर तब कि लागतके बराबर राशि हो जायेगी?

इस के लिए फार्मूला चक्रवृद्धि ब्याज के फार्मूला का भिन्न रूप है:

मूलधन = राशि / {(1 + (दर/ 100 )) ^वर्ष }

 

हमारे लिए,

  • मूलधन = एकमुशत धन जिसका निवेश करना हो
  • राशि = निर्धारित समय में लक्ष्य को प्राप्त करने की लागत
  • दर = “रेट आफ़ रिटर्न” (आयकर काट कर)
  • वर्ष = लक्ष्यों की उपलब्धि तक के वर्ष

हमारे लक्ष्य के लिए हम निम्नलिखित आंकडों पर पहुंचते हैं:

क्रमांक लक्ष्य वर्तमान मूल्य अब से वर्ष तब मूल्य रेट आफ़ रिटर्न वर्तमान में आवश्यक राशि
1 एक अपार्टमेंट खरीदना 30,00,000 23 92,14,571 18% 2,04,734
2 एक कार खरीदना 5,00,000 4 5,68,238 6.65% 4,39,225

 

 

क्या आप अपार्टमेंट खरीदने के लक्ष्य के लिए अभी निवेश करने की आवश्यक राशि से हैरान हैं? लेकिन यह सच है - और यही है कंपाउंडिग की शक्ति। चूंकि आप एक बहुत लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं, आपका सारा कठिन कार्य कंपाउंडिग कर देगा!

यह भी ध्यान दें कि वर्तमान में आवश्यक राशिआज के लक्ष्यों की कीमत से कम है, क्योंकि अनुमानित रेट आफ़ रिटर्न मुद्रास्फीति की दर से अधिक है। चूंकि लक्ष्य 1 के लिए के यह अंतर बहुत अधिक है, “वर्तमान में आवश्यक राशिलक्ष्य की आज की कीमत से काफ़ी कम है। लक्ष्य 2 के लिए यह अंतर कम है - वर्तमान में आवश्यक राशि लक्ष्य की आज की कीमत से थोड़ी ही कम है।

वर्तमान में आवश्यक राशिवह एकमुश्त राशि है जो आप अभी निवेश कर अपने लक्ष्यों के लिए पर्याप्त बचत कर सकते हैं। यह तभी संभव है अगर आपके पास एकमुश्त अतिरिक्त राशि (जैसे एक वार्षिक बोनस) होगी। अगर आप के पास ऐसी अतिरिक्त राशि है, तो आगे बढ़िये और यह निवेश कीजिए - इस तरह आपको हर साल या हर महीने लक्ष्य के लिए निवेश की ज़रूरत नहीं होगी। लेकिन कृपया ध्यान दें - मेरा सुझाव यह है कि अगर आप के पास ऐसी एकमुश्त राशि है और अगर आप शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं, तो इसको विभिन्न चरणों मैं करें जिससे आपको औसत लागत (cost averaging) का लाभ प्राप्त होगा।

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