कुछ समय पहले तक अगर आप जीवन बीमा (life insurance – लाइफ इंश्योरेंस) खरीदना चाहते थे, तो आप के पास एकमात्र विकल्प था बंदोबस्ती योजना (Endowment Plan)। बेशक, कई विभिन्न योजनाएँ उपलब्ध थीं, बहुत सारे रोचक नामों के साथ। प्रत्येक का अपना वादा या अपनी रिटर्न की तालिका थी। लेकिन मुख्य बात यह थी कि वह सभी बंदोबस्ती योजनाएँ ही थीं।

इसका मतलब यह है कि अगर आप बीमा खरीदना चाहते थे, आप उसी समय निवेश करने के लिए भी मजबूर थे। इस बीमा “निवेश” पर कंपनियां हर साल “बोनस” (bonus) की घोषणा करती थीं। कोई नहीं जानता था कि कहाँ पैसों का निवेश किया जाता था। आपका – नीति धारक (policy holder) का – इस पर कोई नियंत्रण नहीं था। एक ही चीज जो पता चलती थी वो थी “बोनस”, जो हर वर्ष घोषित किया जाता था। और चूंकि हम भारतीय बहुत लंबे समय से बीमा में ” निवेश” कर रहे थे, हमने अपनी बीमा नीतियों से “लाभ” या “रिटर्न” (return) की उम्मीद शुरू कर दी।

जब निजी बीमा कंपनियां इस क्षेत्र में आईं, उन्होनें एक बड़ा अवसर देखा। उन्होंने हमें यह सवाल पूछने के लिए मजबूर किया: “अगर मेरे पैसे का निवेश किया जा रहा है, तो क्या इस पर मेरा कम से कम थोडा सा नियंत्रण नहीं होना चाहिए?”

और इस तरह यूनिट लिंक्ड बीमा योजना (यूलिप) (Unit Linked Insurance Plan – ULIP) का जन्म हुआ।

क्या है यूनिट लिंक्ड बीमा योजना (यूलिप) (Unit Linked Insurance Plan – ULIP)?

यह जीवन बीमा का एक प्रकार है, जिसमें अपकी प्रीमियम राशि को दो भागों में बाँटा जाता है:

  • एक हिस्सा, जो कि आपके प्रीमियम का एक छोटा सा अंश है, आपको बीमा प्रदान करने में प्रयोग किया जाता है।
  • दूसरा हिस्सा, जो कि प्रीमियम का बहुत बड़ा भाग है, निवेश की “इकाइयों” (unit) को खरीदने में प्रयोग किया जाता है।

पहला भाग (बीमा भाग) बीमा कि राशि (sum assured) पर निर्भर करता है – जितनी अधिक बीमा राशि, उतना अधिक पैसा बीमा खरीदने के लिये।

दूसरे भाग (निवेश भाग) के पैसों का निवेश इकाइयों के प्रकार (type of units) के आधार पर किया जाता है – शेयरों (shares or equities) में, या ऋण पत्रों (debt) में, या फिर दोनों में। इन इकाइयों का मूल्य निवेश के रिटर्न के आधार पर बदलता रहता है।

किसी भी समय आपकी बीमा राशि या तो मूल बीमा राशि जिसे आपने बीमा खरीदने के समय चुना था, या आपकी यूनिटों का एनएवी (Net Asset Value – NAV) – इनमें से जो भी अधिक है, उस के बराबर होगी।

बंदोबस्ती योजना के सामने यूलिप का क्या फायदा है?

जवाब है: निवेश पर नियंत्रण (control)

यूनिट लिंक्ड बीमा योजना (यूलिप) आपको आपके पैसे के निवेश पर बहुत अधिक नियंत्रण प्रदान करती है – आप फैसला लेते हैं कि आपको किस तरह की इकाइयाँ खरीदनी हैं – वह मोटे तौर पर शेयर, ऋण (debt), या दोनों के संयोजन में हो सकतीं हैं।

इसके अलावा, आप अपना निवेश विभिन्न इकाइयों के बीच बदल (switch – स्विच) सकते हैं – यह आम तौर पर साल में कुछ बार कर सकते हैं (यह अपकी बीमा कंपनी पर निर्भर करता है)। इसका मतलब यह है कि अपने विश्लेषण के आधार पर आप अपना निवेश बदल सकते हैं – शेयरों से ऋण में, ऋण से मिश्रित निवेश में, शेयरों से मिश्रित निवेश में, मिश्रित निवेश से शेयरों में – जो भी आप चाहें।

यह बंदोबस्ती योजना की तुलना में बहुत लाभदायक है – जहां आपके पैसे के निवेश पर आप का कोई नियंत्रण नहीं है।

यूलिप का एक और बड़ा लाभ यह है कि योजना खरीदने के कुछ साल बाद अगर आप प्रीमियम का भुगतान करने में असमर्थ हैं, तो भी बीमा कवर (life insurance cover) जारी रहता है। आप जब प्रीमियम का भुगतान नहीं करते हैं, तो बीमा कंपनी कुछ इकाइयों को बेच कर राशि ले लेती है ताकि आप के लिए बीमा कवर जारी रहे!

निष्कर्ष

तो यह है बंदोबस्ती योजनाओं और यूलिप के बीच की तुलना – और यूलिप बंदोबस्ती योजनाओं की तुलना में निश्चित रूप से एक बेहतर विकल्प उभर कर आते हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि वे आजकल बहुत लोकप्रिय हैं!

लेकिन क्या वे बीमा खरीदने का सबसे अच्छा तरीका हैं? नहीं! पता लगाने के लिये पढ़ें “आवधिक नीति (term insurance) सर्वोत्तम नीति है